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मुल्ला नसरुद्दीन

                            ताबूत

 एक दफा कई लोग इस बात पर बहस करने लगे कि ताबू को ले जाते वक्त ताबूत के दाएं तरफ चले या बाई तरफ । लोग दो गुटों में बैठ गए , दोनों गुटों में बहस शुरू हो गई और  एक गुट ने कहा ताबूत अथवा अर्थी को ले जाते वक्त दाएं तरफ चलना चाहिए दूसरे ने कहा बाई तरफ
ऐसी बीच  वहां पर मुल्ला नसरुद्दीन भी आ गए , लोगों ने उनसे इस बारे में राए मांगी तो, वो हंस पड़े
हंसकर मुल्ला जी बोले क्या फर्क पड़ता है ताबूत की दाई तरफ चला जाए या बाई तरफ।
जरूरी बात तो यह है कि ताबूत के भीतर ना हो।😇☺️😇


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